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रक्षा बंधन पर कविता 2019 – Raksha Bandhan Par Kahani in Hindi

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भैया कृष्ण ! भेजती हूँ मैं
राखी अपनी, यह लो आज ।
कई बार जिसको भेजा है
सजा-सजाकर नूतन साज ।।

लो आओ, भुजदण्ड उठाओ
इस राखी में बँध जाओ ।
भरत – भूमि की रजभूमि को
एक बार फिर दिखलाओ ।।

वीर चरित्र राजपूतों का
पढ़ती हूँ मैं राजस्थान ।
पढ़ते – पढ़ते आँखों में
छा जाता राखी का आख्यान । ।

मैंने पढ़ा, शत्रुओं को भी
जब-जब राखी भिजवायी ।
रक्षा करने दौड़ पड़ा वह
राखी – बन्द – शत्रु – भाई । ।

किन्तु देखना है, यह मेरी
राखी क्या दिखलाती है ।
क्या निस्तेज कलाई पर ही
बँधकर यह रह जाती है ।।

देखो भैया, भेज रही हूँ
तुमको-तुमको राखी आज ।
साखी राजस्थान बनाकर
रख लेना राखी की लाल ।।

हाथ काँपता, हृदय धड़कता
है मेरी भारी आवाज ।
अब भी चौक-चौक उठता है
जलियाँ का वह गोलन्दाज ।।

यम की सूरत उन पतितों का
पाप भूल जाऊँ कैसे?
अंकित आज हृदय में है
फिर मन को समझाऊँ कैसे ?
Happy Raksha Bandhan Par Kahani 2019

बहिने कई सिसकती हैं हा ।
सिसक न उनकी मिट पायी ।
लाज गँवायी, गाली पाई
तिस पर गोली भी खायी ।।

डर है कही न मार्शल-ला का
फिर से पड़ जावे घेरा ।
ऐसे समय द्रौपदी-जैसा
कृष्ण ! सहारा है तेरा ।।
रक्षा बंधन पर कविता 2019

बोलो, सोच-समझकर बोलो,
क्या राखी बँधवाओगे
भीर पडेगी, क्या तुम रक्षा-
करने दौड़े आओगे

यदि हाँ तो यह लो मेरी
इस राखी को स्वीकार करो ।
आकर भैया, बहिन ‘सुभद्रा’–
के कष्टों का भार हरो ।।

Bhai Bahen Ki Raksha Bandhan Par Kahani in Hindi – रक्षा बंधन पर कविता

 

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नहीं कुछ कहना, बस चुप ही रहना ।
बड़े दिनो बाद आयी है प्यारी बहना ।
लेकर हाथों में रक्षाबंधन का गहना ।
नहीं कुछ कहना, बस चुप ही रहना ।
बड़े दिनों बाद ………..

भाई बहन का प्यार बंधा है डोरी में ।
बचपन का ये सुख छिपा है लोरी में ।
माँ के प्यार दुलार का क्या है कहना ।
नहीं कुछ कहना, बस चुप ही रहना ।
बड़े दिनों बाद …………

खुशियाँ लेकर आता है ये रक्षाबंधन ।
प्रेम प्यार का प्रतीक है ये रक्षाबंधन ।
भाई-बहन का धागों में प्यार पिरोना ।
नहीं कुछ कहना, बस चुप ही रहना ।
बड़े दिनों बाद …………

सावन की आती है रिमझिम फुहार ।
भाई ना भूले बहन का मीठा सा प्यार ।
बचपन की यादों में खो जाती है बहना।
नहीं कुछ कहना, बस चुप ही रहना ।
बड़े दिनों बाद ………….
Happy Raksha Bandhan Par Kavita 2019

मत तोड़ना भाई मेरा ये प्यार का बंधन ।
आरती उतारती करती वो टीका वंदन ।
आँसुओं की अविरल धारा बहाती बहना ।
नहीं कुछ कहना, बस चुप ही रहना।
बड़े दिनों बाद ………….
Raksha Bandhan Par Kavita in Hindi

हर सावन में आती राखी,
बहना से मिलवाती राखी…

चाँद सितारों की चमकीली,
कलाई को कर जाती राखी…

जो भूले से भी ना भूले,
मनभावन क्षण लाती राखी,
अटूट-प्रेम का भाव धागे से
हर घर में बिखराती राखी…

सारे जग की मूल्यवान
चीजों से बढकर भाती राखी.

सदा बहन की रक्षा करना,
भाई को बतलाती राखी.

Raksha Bandhan Par Kahani – Happy Raksha Bandhan Par Kahani 2019

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देखो आज राखी आई
सुबह से बहन फुले न समाई
राखी के साथ रखी मिठाई
इन चीजो से थाली सजाई
रक्षा बंधन पर कविता 2019

हाथ में बाँधा राखी का धागा
बहिन ने लिया है भाई से वादा
हर समय मेरा साथ निभाना
मुसीबत में कभी भूल न जाना
Happy Raksha Bandhan Par Kahani 2019

भाई ने दिया बहन को वचन
हमेशा रहूँगा तेरे संग
यह राखी का त्यौहार है
भाई – बहन का इसमें प्यार है.
रक्षा बंधन पर कविता 2019

जाति-धर्म के तोड़ता बंधन, फिर भी सबको है भाता।
कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।।

प्राणवायु नहीं दिखती फिर भी, जीवन उसी से है चलता।
बहन हो कितने दूर भी, फिर भी राज उसी का है चलता।।
जंजीरें भी जकड़ न पाएं, मन इतना चंचल होता।
पल में अवनि, पल में अंबर, पल में सागर में खोता।।

इतने चंचल मन को बांधा, इक रेशम के धागे ने,
हंसते-हंसते खुद बंध जाना, सबके मन को है भाता।
कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।
Raksha Bandhan Par Kahani in Hindi

रक्षा बंधन पर कविता – Raksha Bandhan Par Kahani

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प्रीत के धागो के बंधन में,
स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा,
होता भाई बहन का प्यार,
नन्हे भैया का है कहना,
राखी बांधो प्यारी बहना..

सावन की मस्तीली फुहार,
मधुरिम संगीत सुनती है,
मेघों की ढोल ताप पर,
वसुंधरा मुस्काती है…

आया सावन का महीना,
राखी बांधो प्यारी बहना.

धरती ने चाँद मामा को.
इंद्रधनुषी राखी पहनाई,
बिजली चमकी खुशियों से,
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई..
रक्षा बंधन पर कविता 2018

राजी ख़ुशी सदा तुम रहना,
राखी बाँधों प्यारी बहना.

हर सावन में आती राखी,
बहना से मिलवाती राखी…
चाँद सितारों की चमकीली,
कलाई को कर जाती राखी…
जो भूले से भी ना भूले,
मनभावन क्षण लाती राखी,
अटूट-प्रेम का भाव धागे से
हर घर में बिखराती राखी…
सारे जग की मूल्यवान
चीजों से बढकर भाती राखी.
सदा बहन की रक्षा करना,
भाई को बतलाती राखी.
Raksha Bandhan Par Kahani in Hindi

Pyari Bahen Ke Liye Raksha Bandhan Par Kahani – रक्षा बंधन पर कविता 2019

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राखी का आज त्यौहार है
बहन भाई के लिए बहुत खास है
लाया खुशियों की बहार है
रेशम के धागे से बंधा प्यार है।
Happy Raksha Bandhan Par Kahani 2019

बहनें आज भाइयों को
कुमकुम का तिलक लगाती हैं
अपने प्यारे हाथों से
भाई को मिठाई खिलाती है।

भाई की सूनी कलाई पर
रेशम का धागा बांधती है
बदले में भाई से रक्षा का
अनमोल वायदा पाती है।

भाई भी सुंदर सुंदर तोहफे
बहनों के लिए लाते हैं
तोहफे में क्या मिलने वाला है
बहनें उत्सुक रहती हैं।

बहनें भी भाई की
सलामती की दुआ करती है
खुश रहो तुम सदा भैया
यही प्रार्थना करती है।

बहन भाई का एक दूसरे पर
होता अटूट विश्वास है
रेशम के धागे से ये
बंधा हुआ त्यौहार है।

नटखट भाई बहन Happy Raksha Bandhan Par Kahani 2019 – Raksha Bandhan Par Kahani in Hindi

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भाई बहन का शुभ दिन है आज
कलाई पर सजा है राखी का ताज
बहना की आँखों में है बहुत प्यार
भाई के हाथों मिलेगा आज उपहार
रक्षा करेगा भाई देता है वचन
यूं ही साथ रहेंगे हर जनम
आओ मिलकर खाएं हम मिठाई
रक्षा बंधन की सबको बधाई
Happy Raksha Bandhan Par Kahani 2019

अच्छे भैया मेरे…
सबसे प्यारे भैया मेरे…
तुम हो मेरे रखवाले…
मुझसे ये राखी बन्धवाले…
तेरे साथ मैं चलूँगी..
मेरे साथ तुम चलना…
तेरी रक्षा मैं करुगी..
मेरी रक्षा तुम करना..
राखी का ये बंधन प्यारा..
इस बंधन को बांधे रखना..
टूटे ना रिश्तो का धागा…
मजबूत अपने इरादे रखना…
जब मैं तुमसे रूठ जाऊं..
तो तुम मुझे मनाना..
जब-जब मैं रोऊँ..
तुम मुझे हंसाना..
मेरे भैया दूर ना जाना..
मुझसे तुम राखी बंधवाना..
प्यारे प्यारे भैया मेरे …
सबसे अच्छे भैया मेरे….
Raksha Bandhan Par Kahani in Hindi

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