अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर कविता: अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है | इस दिन को मानाने का अहम् उद्देश्य किसी में वर्ग या देश में उसके युवा को सम्मानित करना है या उनकी और ध्यान केंद्रित करना है क्युकी किसी भी देश को विकासशील करने के लिए सबसे अहम् भूमिका उस देश के युवा की ही होती है | इस दिवस को सबसे पहले 2000 में मनाया गया था | आपको जानकार हैरानी होगी की पुरे विश्व में सबसे ज्यादा युवा वर्ग अपने देश में है जो की सम्पूर्ण विश्व का 20% है | अपने देश में सिर्फ युवाओ को एक अच्छे मार्गदर्शन की जरुरत है | आइए आज में आपके साथ अपनी इस पोस्ट अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर कविता – International Youth Day par Kavita in Hindi के माध्यम से कुछ कविताये पेश कर रहा हूँ| आशा करता हु आपको ये पसंद आएगी | और आप लोगो से विनम्र निवेदन की कृपया अपने महत्वपूर्ण सुझाव हमे कमेंट करके बताया करे | आप सभी को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाये |

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर कविता

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सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नही विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं मुँह से न कभी उफ़ कहते हैं,
संकट का चरण न गहते हैं,
जो आ पड़ता सब सहते हैं,
उद्योग-निरत नित रहते हैं,
शूलों का मूल नसाते हैं,
ढ़ खुद विपत्ति पर छाते हैं।
है कौन विघ्न ऐसा जग में,
टिक सके आदमी के मग में?
खम ठोक ठेलता है जब नर,
पर्वत के जाते पाँव उखड़,
मानव जब ज़ोर लगाता है,
पत्थर पानी बन जाता है।
गुण बड़े एक से एक प्रखर,
है छिपे मानवों के भीतर,
मेंहदी में जैसे लाली हो,
वर्तिका-बीच उजियाली हो,
बत्ती जो नही जलाता है,
रोशनी नहीं वह पाता है।

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर कविता 2019

बादलों के झुरमुटों से
छा रही हमारे दिल पे
आज की सुहानी भोर, देखो!
खुशियाँ भरी दुआएं
ला रहीं हैं यह हवाएं
नई आशाएं जागी, देखो!

हे ज़िन्दगी!
तेरे दायरे में हम, तो क्या!
हे ज़िन्दगी!
तू ना समझ हमें कम!
हे ज़िन्दगी!
अपने होंसलों के दम पर!
लिख रहे नई कहानी, देखो!
उसकी मेरी अपनी ज़बानी, देखो!

बदल रहें हैं हम
और यह ज़िन्दगी बदल रही
अब तो बदल रहा समाँ.
प्यार से रोक कर
बढती नफरतों को
बना रहे युवा नया जहाँ.

चाह से, परवाह से
एकता की शान से
दोस्ती के मान से
एक दुसरे के सम्मान से

दुश्मनी, नफरतें छोड़ आये हम
पिछले किसी मोड़ पर,
अब तो ज़िन्दगी जी रहे इधर
जिंदादिली ओड़ कर.

देख ज़िन्दगी! तेरे दायरें में हम पर,
ज़िन्दगी! किसी हार से न हारे हम!
आह ज़िन्दगी! नई रौशनी के धारे हम.
नयी दिशा की नयी कहानी देखो!
युवा दिलों की यह रवानी देखो लो!

International Youth Day par Kavita in Hindi

बादल जब छाये सूरज पर ,
अम्बर भी बरसाए पीर ,
रहो अपितु दृढ , ह्रदय वीर,
विजय तुम्हारी है निश्चित .

बाद शरद के आता ग्रीष्म ,
हवा सदा ही लहर बनाती ,
बढ़ते आगे धूप -छाओं से ;
सतत बढ़ो फिर आगे वीर !

जीवन -कर्म जटिल निश्चित ही ,
और यहाँ के सुख भ्रम मात्र ,
मंजिल लगती दूर ,धुंधली सी ,
बढ़ो, चीर तम , ह्रदय वीर .
अपनी पूरी शक्ति सहित .

लेश कर्म भी न खोएगा ,न संघर्ष ,
आशाएं धूमिल हो चाहें शक्ति जाए ;
जन्मेंगे तुम से भविष्य के कर्ता धर्ता ,
रहो अतः फिर दृढ , ह्रदय वीर,
मंगल कर्म न जाते व्यर्थ .

भद्र और बुद्ध यद्यपि कम ,
वे ही पर बनते अधिनायक ,
जन साधारण देर से समझे ;
भ्रष्ट न हो और बढ़ते जाओ .

संग तुम्हारे सिद्ध अनेकों ,
संग तुम्हारे शक्ति मान ,
धन्य -मान तुम,महा आत्म हो ,
तुम्हे मिलें सारे आशीष !

International Youth Day par Kavita in Hindi 2019

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बनो परम पुरुषार्थी, बनो तेज बलवान।
बनो धीरगंभीर तू, होवो सबसे महान।

पराकाष्ठा वीरत्व की, छू लो देश के वीर।
सबल प्रबल चल बह सदा, जैसे बहता नीर।

छोड़ असंभव शब्द को, सब संभव है जान।
तू युवा यौवन भरा, निज शक्ति पहचान।

ओत-प्रोत तू यौवन से, है युवा देश प्राण।
उठ चलो आगे बढ़ो, कर यौवन बलिदान।

गज समान पग को बढ़ा, डिगा सके न कोय।
सतत एक सैम बढ़ सदा, बाधा विघ्न जो होय।

Poem on International Youth Day in Hindi

कड़कती धुप हो या
गिरती बिजलियाँ,
सामना करें हम युवा.
या फिर चले
गर्दिशों की हवा,
झेलें सीने पर, हम युवा.

हम युवा हैं, हम युवा
हर तरंग हर उमंग है युवा.
हम युवा हैं हम युवा
हर ज़िन्दगी की धडकनें युवा.

हम युवा हम हैं वोह युवा
पूरी दुनियाँ का दर्द जिसमें समां
हर दिन की कशमकश से परे
ना था युवा और न है युवा

आरज़ू लिए और
जुस्तजू किये
चल पड़े कठिन राह पर युवा.
टूट कर गिरें
चाहे लाखों मुश्किलें
अब नहीं रुकेंगे ये युवा

हम युवा हैं हम युवा
आने वाले, बीते पल के हम युवा.
हम युवा हैं हम युवा
नई सुभह के हम नए युवा.

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर कविता हिंदी में

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उठ जाग अब मेरे देश के नौजवान
तेरे सोने से पूरा जग परेशान
आलस की आंधी में क्यों खो रहा है ।
नशे की नींदों में क्यों इतना सो रहा है ।
तूने ही देश को बुलंदियों पर है लाना
अपनी काबिलियत से है इतिहास रचाना ।
पर तू तो खुद ही हो कमजोर गया ।
न जाने किधर वो तेरा जोर गया ।
लगते थे जोश के जो हर बरस मेले ।
हो गए सब अपने स्वार्थ में अकेले।
नशे की सरिता में क्यों खुद को डुबो रहा है ।
अपनी अमूल्य ताकत को युहीं क्यों खो रहा है ।
अब भी वक़्त है , जाग कर कुछ कर दिखाने का
नाम भारत का आसमान में चमकाने का
देखना नहीं मुड़ कर पीछे , जब तक दिखे ना साहिल
कर जूनून से मेहनत , मिलेगी एक दिन तुझे मंजिल ।
वो कबड्डी की महक और कुश्तियों का कोना ।
क्यों नशे की जिद में तुझे , पड़ा ये सब खोना ।
ताकत और जोश का रच दे फिर से इतिहास ।
न तेरी कमजोरी का उड़ाए , दुनिया उपहास ।
बहन बेटियों की इज्जत का बन तू रखवाला ।
न इनका कर अपमान , बन तू खुद में मतवाला ।
तेरी ताकत के किस्से हो हर ओर, ऐसी ही कर आशा तू
कर कर्म फिर से जिंदादिली के , ऐसी ही कर अभिलाषा तू ।
अब न रह तू अपनी शक्तियों से अनजान
उठा शस्त्र अपने , बन जा महान
उठ जाग मेरे देश के नौजवान
तेरे सोने से पूरा जग परेशान

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