महात्मा गांधी पर निबंध 2018 (Essay on Mahatma Gandhi 2018 in Hindi)

महात्मा गांधी पर निबंध 2018 (Essay on Mahatma Gandhi 2018 in Hindi)

महात्मा गांधी पर निबंध 2018

महात्मा गांधी पर निबंध 2018: महात्मा गांधी पर निबंध 2018 के माध्यम से हम गाँधी जी और उनका विचारों से अवगत होने की कोशिश करेंगे | महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई. को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर एक समृद्ध परिवार में हुआ था उनके पिता करमचंद गांधी पोरबंदर के दीवान थे।उनकी माता पुतलीबाई अत्यंत धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं | घर के धार्मिक परिवेश का प्रभाव मोहनदास पर भी पड़ा और उन्होंने राजनीति में आने के बाद भी धर्म का साथ नहीं छोड़ा |

mahatma gandhi par nibandh
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शिक्षा व व्यावसायिकता

गांधी जी की प्रारम्भिक शिक्षा पोरबंदर के ही एक ही स्कूल में हुई | प्रवेश परीक्षा के बाद उन्हें उच्च शिक्षा के लिए भावनगर के श्यामलदास कॉलेज में भेजा गया, किन्तु वहां उनका मन नहीं लगा | बाद में उनके भाई लक्ष्मीदास ने उन्हें बैरिस्टर की शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड भेज दिया | इंग्लैंड जाने से पहले मात्र 13 वर्ष की आयु में उनका विवाह कस्तूरबा गांधी से हो गया था | 1891 ई. में गाँधी जी इंग्लैंड से बैरिस्टरी पास कर स्वदेश आए और बम्बई में वकालत प्रारंभ कर दी |महात्मा गांधी पर निबंध 2018, Essay on Mahatma Gandhi 2018 in Hindiमहात्मा गांधी पर निबंध 2018

गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे।उन्होंने हमेशा सत्य और अहिंसा के लिए आंदोलन चलाए।संग्राम में बढ़-चढ़कर भाग लेने और देश को स्वतन्त्र कराने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका के कारण उनको राष्ट्रपिता कहा गया । महात्मा गांधी अपने अतुल्य योगदान के लिये ज्यादातर “राष्ट्रपिता और बापू” के नाम से जाने जाते है। यह उपाधि सर्वप्रथम उन्हें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने दी ।

Essay on Mahatma Gandhi 2018 In Hindi

महात्मा गाँधी को उनके एक भारतीय मित्र ने कानूनी सलाह के लिए दक्षिण अफ्रीका बुलाया । यहीं से उनके राजनैतिक जीवन की शुरूआत हुई । दक्षिण अफ्रीका पहुँचकर गाँधी जी को एक अजीब प्रकार का अनुभव हुआ । उन्होंने वहाँ देखा कि, किस प्रकार से भारतीयों के साथ भेद – भाव किया जा रहा है ।गाँधीजी ने तभी से प्रण लिया कि वह काले लोगों और भारतीयों के लिए संघर्ष करेंगे । उन्होंने वहाँ रहने वाले भारतीयों के जीवन सुधार के लिए कई आन्दोलन किये । दक्षिण अफ्रीका में आन्दोलन के दौरान उन्हें सत्य और अहिंसा का महत्त्व समझ में आया ।

mahatma gandhi wih pt. jawahar lal nehru
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वे एक ऐसे महापुरुष थे जो अहिंसा और सामाजिक एकता पर विश्वास करते थे। उन्होंने भारत में ग्रामीण भागो के सामाजिक विकास के लिये आवाज़ उठाई थी | उन्होंने भारतीयों को स्वदेशी वस्तुओ के उपयोग के लिये प्रेरित किया और बहोत से सामाजिक मुद्दों पर भी उन्होंने ब्रिटिशो के खिलाफ आवाज़ उठायी। वे भारतीय संस्कृति से अछूत और भेदभाव की परंपरा को नष्ट करना चाहते थे। बाद में वे भारतीय स्वतंत्रता अभियान में शामिल होकर संघर्ष करने लगे।

अहिंसा और सत्याग्रह आंदोलन

उन्होंने अपना सारा जीवन हमें आज़ादी दिलाने के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ने में बिता दिया| आज़ादी पाने के लिए अंग्रेजों से लड़ाई के दौरान उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह आंदोलन जैसे हथियार की मदद ली| कई बार उन्हें गिरफ्तार किया गया और कई बार जेल भेजा गया, लेकिन उन्होंने कभी खुद को हतोत्साहित नहीं किया और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए लड़ाई जारी रखा।

भारतीय इतिहास में वे एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने भारतीयों की आज़ादी के सपने को सच्चाई में बदला था। आज भी लोगो को उनके जीवन की मिसाल दी जाती है। वे जन्म से ही सत्य और अहिंसावादी नही थे बल्कि उन्होंने अपने आप को अहिंसावादी बनाया था।महात्मा गांधी पर निबंध 2018

उन्होंने काफी अभियानों की शुरुवात की जैसे 1920 में असहयोग आन्दोलन, 1930 में नगरी अवज्ञा अभियान और अंत में 1942 में भारत छोडो आंदोलन और उनके द्वारा किये गये ये सभी आन्दोलन भारत को आज़ादी दिलाने में कारगार साबित हुए। अंततः उनके द्वारा किये गये संघर्षो की बदौलत भारत को ब्रिटिश राज से आज़ादी मिल ही गयी।महात्मा गांधी पर निबंध 2018

महात्मा गांधी हमारे देश के असली पिता है क्योंकि ब्रिटिश शासन से हमें मुक्त कराने के लिए उन्होंने वास्तव में अपनी सारी शक्तियों का इस्तेमाल किया। वह सही मायने में लोगो की एकता (विभिन्न जातियों, धर्मों, समुदाय, जाति, आयु या लिंग) की शक्ति को समझे जिसका उन्होने अपने सभी स्वतंत्रता आंदोलन में इस्तेमाल किया| अंततः जन आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजो को पूरी तरह भारत छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया| 1947 से 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में हर साल मनाया जाता है।

mahatama gandhi addresing women
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रंगभेद और जातिभेद

महात्मा गांधी का जीवन काफी साधारण ही था वे रंगभेद और जातिभेद को नही मानते थे। उन्होंने भारतीय समाज से अछूत की परंपरा को नष्ट करने के लिये भी काफी प्रयास किये और इसके चलते उन्होंने अछूतों को “हरिजन” का नाम भी दिया था जिसका अर्थ “भगवान के लोग” था।महात्मा गांधी पर निबंध 2018

महात्मा गाँधी एक महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे और भारत को आज़ादी दिलाना ही उनके जीवन का उद्देश्य था। उन्होंने काफी भारतीयों को प्रेरित भी किया और उनका विश्वास था की इंसान को साधारण जीवन ही जीना चाहिए।

गांधीजी विदेशी वस्तुओ के खिलाफ थे इसीलिये वे भारत में स्वदेशी वस्तुओ को प्राधान्य देते थे। इतना ही नही बल्कि वे खुद चरखा चलाते थे। वे भारत में खेती का और स्वदेशी वस्तुओ का विस्तार करना चाहते थे।

महात्मा गांधी का देश के लिए किया गया अहिंसात्मक संघर्ष कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पूरा जीवन देश को स्वतंत्रता दिलाने में व्यतीत किया। और देशसेवा करते करते ही 30 जनवरी 1948 को इस महात्मा की मृत्यु हो गयी और राजघाट, दिल्ली में लाखोँ समर्थकों के हाजिरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। आज भारत में 30 जनवरी को उनकी याद में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Also see: Atal Bihari Vajpayee par Nibandh

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